मंगल. जुलाई 23rd, 2024

सबसे कम उम्र में लक्षिका डागर बनी सरपंच, घोषणा पत्र करें थे ऐसे वादे जिससे मिले वोट

Panchayat Elections 2022
Lakshika Dagar female sarpanch

उज्जैनैै। नेटवर्क

जब सपने बढ़े होते है वे पूरे भी हो जाते है एक 21 वर्ष की लड़की ने पंचायत चुनाव में भारी मतों से विजय हुई। जिसके बाद क्षेत्र के लोगों ने बधाई देने लगे। मध्यय प्रदेश के उज्जैनैै शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित चिंतामन जवासिया ग्राम पंचायत का मामला है। शनिवार को हुए चुनाव के बाद पहली बार सबसे कम उम्र की 21 वर्ष की लक्षिका डागर महिला सरपंच Sarpanch के रूप में विजयी घोषित हुई हैं।

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ग्राम पंचायत की कुल आबादी 3,265 है। पंचायत चुनाव के लिए हुए आरक्षण में यहां एससी महिला के लिए सरपंच पद आरक्षित था। गांव से अजा वर्ग की करीब आठ महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में थीं। इनमें सबसे कम उम्र की लक्षिका ही थीं। शनिवार देर रात को आए परिणाम के बाद लक्षिका को 487 मतों से विजयी घोषित किया गया। उनकी जीत के बाद गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने युवा महिला सरपंच के स्वागत में कोई कोर कसर नही छोड़ी।

कम उम्र में बनीं सरपंच Sarpanch

खास बात यह है कि चिंतामन जवासिया ग्राम पंचायत की नव निर्वाचित सरपंच लक्षिका डागर ने मात्र 21 वर्ष की उम्र में ही सरपंच बनकर जिले की सबसे कम उम्र की सरपंच होने का तमगा अपने नाम कर लिया है। एक पढ़ी- लिखी महिला सरपंच मिलने से गांव में भी खुशी का माहौल है। लक्षिका को जन्मदिन के एक दिन पहले गांव की मुखिया बनने का तोहफा मिला है। 27 जून को लक्षिका 22वें वर्ष में प्रवेश करेंगी।

Sarpanch एंकर और फैशन डिजाइनिंग में किया है काम

चिंतामन जवासिया की मुखिया पद पर विजयी हुई लक्षिका पढ़ाई के साथ ही उज्जैन के स्थानीय न्यूज चौनल में न्यूज एंकर और रेडियो जॉकी की भूमिका भी निभाती हैं। मास कम्युनिकेशन और फैशन डिजाइनिंग में अध्ययनरत रहते हुए वो समाज से भी जुड़ी रहती हैं। गांव के लोगों का भी मानना है कि लंबे समय बाद युवा और शिक्षित महिला सरपंच गांव को मिलने से निश्चित ही गांव को फायदा होगा। जीत दर्ज करने के बाद लक्षिका का विजय जुलूस भी गांव में निकला।

नामांकन के साथ घोषणा पत्र

लक्षिका ने बताया कि चुनाव का नामांकन भरने के साथ ही उन्होंने गांव के विकास को लेकर लक्ष्य तय किया था। उन्होंने घोषणा पत्र में वादा किया है कि गांव में पेयजल, नाली, स्ट्रीट लाईट की समस्या को खत्म करना है। साथ ही गांव के आवास विहिन परिवारों के लिए आवास योजना का लाभ दिलाने का भी वादा है। वो खुद गांव के पंचायत कार्यालय में ग्रामीणों की समस्या सुनने के लिए उपलब्ध रहेंगी। जिससे ग्रामीणों की समस्या का निराकरण हो सके।

By Bhoodev Bhagalia

जागरूक यूथ न्यूज डिजिटल में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर है। पत्रकारिता की शुरुआत हिन्दुस्तान अखबार, अमर उजाला, समर इंडिया होते हुए जागरूक यूथ न्यूज में पहुंचा। लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश। राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों में रुचि।

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