Sat. Aug 13th, 2022
कांवड़ यात्रा

नोएडा। नेटवर्क

जल्द कांवड़ यात्रा शुरू हो रही है। और आप पहली बार यात्रा करने की सोच रहे है तो इस बार कई नियमों में बदलाव किया गया है। सबसे पहले तो पुलिस की ट्रैफिक पुलिस ने पूरा प्लान बना लिया है। इसी बीच जिला मजिस्ट्रेट सुहास एलवाई ने अधिकारियों को 14-26 जुलाई तक कांवड़ यात्रा के मार्ग में आने वाली मांस और शराब की सभी दुकानों को बंद करने के लिए कहा है। कांवड़ यात्रा के मार्गों को अंतिम रूप दिया जा रहा है जिसके बाद पुलिस इसका निरीक्षण शुरू करेगी।

जिले के विभिन्न हिस्सों में जांच करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता करने वाले जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस से यह सुनिश्चित करने को कहा कि चेकिंग अभियान के दौरान किसी भी नागरिक को परेशान नहीं किया जाए।

बैठक के बाद डीएम ने बाद बताया, पुलिस अधिकारियों और अन्य विभाग प्रमुखों के साथ हुई बैठक के दौरान, उन्हें जिले में परेशानी मुक्त कांवड़ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया है। मार्गों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद, अधिकारी क्षेत्रों का दौरा करेंगे और यात्रा के दौरान जिन मांस और शराब की दुकानों को बंद रखना है उनकी पहचान करेंगे।

डीएम ने लोक निर्माण विभाग और नगरीय अधिकारियों से सड़कों की मरम्मत करने, प्लास्टिक डिस्पोजल के उपयोग पर अंकुश लगाने और वाहनों के प्रबंधन के लिए ट्रैफिक विंग बनाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा, श्पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को बेहतर समन्वय के लिए यातायात विभाग और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के साथ काम करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कांवड़ यात्रा से पहले गड्ढों को ठीक कर दिया जाए।श्

बिजली विभाग के अधिकारियों को यात्रा के दौरान जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने कहा, मार्गों को अंतिम रूप देने के बाद, बिजली विभाग को यात्रा मार्ग पर खुले तारों का रखरखाव सुनिश्चित करना होगा ताकि 13 दिवसीय उत्सव के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। कांवड़ियों के मुख्य शिविरों में स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की तैनाती करेगा।

नोएडा के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, सभी क्षेत्रों के डीसीपी और एसएचओ को मेट्रो स्टेशनों, आभूषण बाजारों और अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों के पास चेकिंग अभियान चलाने के लिए कहा है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, सुरक्षा स्थिति की निगरानी की जा रही है और बेहतर समन्वय के लिए कुछ धार्मिक समूहों के साथ बातचीत भी की जा रही है।