Wed. Aug 10th, 2022
e-sim

नई दिल्ली। नेटवर्क

e-sim आये दिन साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों से ठगी कर रहे हैं। टेलीकॉम कंपनियां टेक्नोलॉजी में बदलाव कर e-sim  ई-सिम सर्विस ले आई हैं, लेकिन यही सेवा साइबर ठगों के लिए नया हथियार बन गया है।ई सिम e-sim एक्टिवेट करने या फिर ई-केवाईसी kyecअपडेट के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। और उनके खाते से पैसे निकाले जा रहे है।

पर एक मैसेज मिलता है कि उसका ई-सिम e-sim कार्ड ब्लॉक कर दिया जाएगा। प्रिय ग्राहक, 24 घंटे में आपका सिम कार्ड ब्लॉक कर दिया जाएगा या कृपया अपना ईकेवाईसी सत्यापन अपडेट करें। इसमें जो मैसेज आता है वह मोबाइल सेवा प्रदाता के कस्टमर केयर सेल की तरह ही दिखता है, लेकिन इसमें ग्राहकों को एक लिंक पर क्लिक करने और फॉर्म भरने के लिए कहता है जो साइबर ठगों को उनके ठगने का स्रोत बनता है।

नेटवर्क गायब होने पर हो जाएं सतर्क

कॉलर द्वारा बताए गए प्रोसेस को पूरा करने के बाद आपका क्यूआर कोड अब उस ठग द्वारा हैंडल करना शुरू कर दिया जाता है। यदि आपके मोबाइल के ई-सिम का नेटवर्क इस प्रक्रिया के बाद चला जाता है तो समझ लीजिए कि अब आपका क्यूआर कोड ठगों के हाथों में चला गया है।

गृह मंत्रालय ने इससे हो रही ठगी को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसमें ई-सिम रजिस्ट्रेशन के लिए पूछने वाले किसी भी अज्ञात कॉलर को व्यक्तिगत जानकारी देने से परहेज करने को कहा गया है और साथ ही यह सलाह दी गई है कि ई-सिम पंजीकरण के लिए, सत्यापित वेबसाइट या संबंधित दूरसंचार ऑपरेटरों के अधिकृत आउटलेट पर ही जाएं।

ई-सिम रिक्वेस्ट भेजने से बचने की सलाह

इसमें पीड़ित के मोबाइल नंबर के साथ अपनी खुद की ईमेल आईडी पंजीकृत कराने के लिए कहता है। उसके बाद कॉल करने वाले पीड़ित को पंजीकृत ईमेल आईडी के साथ सेवा प्रदाता को एक ई-सिम रिक्वेस्ट भेजने के लिए कहता है। उसमें एक बार ई-सिम की सेवा सक्रिय हो जाने के बाद सक्रिय किया गया क्यूआर कोड जालसाज द्वारा दी गई ईमेल आईडी पर चला जाता है और उसके बाद वह उस व्यक्ति का विवरण हासिल कर साइबर ठगी शुरू कर देता है।

साइबर थाना प्रभारी उपेंद्र मंडल ने कहा, श्ई-सिम के नाम पर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। इसमें क्यूआर कोड हासिल कर लिया जाता है। इसलिए यदि ई-सिम एक्टिवेट करना ही है तो वास्तविक कस्टमर केयर पर जाएं, हो सके तो आउटलेट पर जाकर एक्टिवेट करें।