Sat. Aug 13th, 2022
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नई दिल्ली। नेटवर्क

श्रम कार्ड बनने के बाद सरकार श्रमिकों को भरण पोषण भत्ता दे रही है। जिनके कार्ड ई-श्रम e-SHRAM और श्रम SHRAM कार्ड 31 दिसंबर 2021 से पहले बने हुए है उनके खाते में सरकार ने तीसरी किश्त भी जारी कर दी है। वैसे वे चौथी किस्त है। पहली किश्त में दो किश्त एक साथ 5 जनवरी 2022 को जारी की थी। दूसरी 5 फरवरी को श्रमिकों के खाते में भेज दी है। 5 मार्च को चौथी किश्त भी जारी कर दी है। अभी तक आपके खाते में धनराशि नहीं पहुंची है तो आप विभाग की बेवसाइड पर चेक कर सकते है। इस खबर के नीचे लिंक दिया गया है।

श्रमिकों को सरकार द्वारा श्रम कार्ड बनने के बाद कई योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। बीते कोरोना के समय लगे लॉगडाउन में भी श्रमिकों को रोजगार भत्ता दिया गया था। ई-श्रम e-SHRAM कार्ड बनाने के लिये बाद सरकार ने कई योजनाओं को इस जोड़ा हैं। जो कार्ड बनवाने के बाद इसका लाभ ले सकते है। कई राज्यें सरकारों ने प्रदेश स्तर की योजनाओं को इस स्कीम में जोड़ा है।

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने असंगठित कामगारों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए ई-श्रम पोर्टल विकसित किया है, जिसे आधार के साथ जोड़ा जाएगा। इसमें नाम, व्यवसाय, पता, शैक्षिक योग्यता, कौशल स्वरूप और परिवार इत्यादि का विवरण होगा ताकि उनकी रोजगार क्षमता का इष्टतम उपयोग हो सके और उन तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभों का विस्तार किया जा सके। इस क्रम में सबसे पहले यूपी सरकार ने श्रमिकों को भत्ता देने शुरू किया है। जिसकी दो तीन किस्ते जारी भी कर दी गई है।

जिन श्रमिकों के अभी तक नहीं मिले है 1000 रूपये तो ऐसे करें चेक अपना नाम और धनराशि

यूपी सरकार ने प्रदेश के करीब डेढ़ करोड़ श्रमिकों को 500 रूपये की चौथी किश्त की राशि उनके खाते में भेज दी है। प्रदेश में कुल पंजीकृत कामगारों की संख्या 50908745 करोड़ (पांच करोड़ 90 लाख आठ हजार 745) है। इसमें से ई श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित कामगारों की संख्या 38160725 और बीओसी डब्लू बोर्ड के अंतर्गत कुल पंजीकृत कामगारों की संख्या 12748020 है। इनमें से पहले चरण में दिंसबर और जनवरी माह के करीब डेढ़ करोड़ कामगारों के खाते में भरण पोषण भत्ता भेजा दिया था। छह फरवरी को तीसरी किश्त फरवरी माह के 500 रूपये भरण पोषण भत्ता श्रमिकों के खाते भेज दिया है। चौथी किश्त होली से पहले श्रमिकों को 5 मार्च को जारी कर दी है।

ई-श्रम कार्ड बनने के बाद अपना वर्तमान पता अपडेट करें का SMS आया तो क्या करें…

बीते माह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले भी श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडरों, रिक्शा चालकों, कुलियों, पल्लेदारों आदि को भरण पोषण भत्ता ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। उत्तर प्रदेश को देश का पहला राज्य बनाने का काम किया था। जिसके बाद कई राज्यों ने भी योगी सरकार की व्यवस्था को लागू किया।

इन नियमों को ताक पर रखकर ले रहे हैं राशन तो होगी कार्रवाई, जानें नियम

फ्री राशन लेने वालों के लिये नया नियम आ गया है। जो अपात्र नियमों Ration Card Rule को ताक में रखकर राशन ले रहे है तो सरकार उन पर कड़ी कार्रवाई करने जा रही है। बीते दिनों से प्रशासन को बहुत शिकायतें मिल रही थी।पिछले कुछ समय में कई ऐसे लोग मिले हैं जिन्होंने रूल्स की अनदेखी करते हुए राशन कार्ड योजना के पात्र न होने के बावजूद इस योजना के जरिए मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे हैं. अधिक जानें

यूपी सरकार ने श्रमिकों को भरण पोषण भत्ता देने की थी घोषणा

बीते दिसंबर 2021 को यूपी सरकार ने 1.50 करोड़ कामगारों को भरण पोषण भत्ता राशि देने का शुभारम्भ किया है। इसमें 500 रुपए प्रति माह के अनुसार दो महीने का एक हजार रुपए भत्ता जनवरी में दे दिया है जबकि फरवरी को भी जारी कर दिया गया है।

इस तरह कामगारों और निर्माण श्रमिकों को कुल 1500 करोड़ रुपए हस्तांतरित करेगी। श्रमिकों को भरण पोषण भत्ता देकर देश में प्रदेश को पहले पायदान बैठाने का काम किया था।क्योंकि योगी सरकार से पहले देश के किसी प्रदेश ने इस व्यवस्था पर काम नहीं किया था।

हालांकि इसके बाद कई राज्यों ने इस व्यवस्था को अपने यहां लागू किया। योगी सरकार एक बार फिर कोरोना काल में श्रमिकों और वंचित तबके की जीवन और जीविका बचाने का काम फिर शुरू करने जा रही है।

श्रमिकों को किसे मिलेगा लाभ

इसमें सड़क के किनारे रेहड़ी,खोमचा लगाने वाले,रिक्शा और ठेला चालक, नाई, धोबी, दर्जी, मोची, फल और सब्जी विक्रेता आदि शामिल हैं। इसके अलावा एक बड़ा वर्ग उन श्रमिकों का है जो निर्माण कार्य से जुड़े हैं। कोरोना के पहले संक्रमण के दौरान भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे आकर समाज के इस सबसे वंचित वर्ग की हर संभव मदद की थी।

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दूसरे चरण में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। कोविड महामारी के बीच जीवन और जीविका को सुरक्षा को सुनिश्चित करने के प्रयासों के क्रम में शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों को भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया था।

जिनके नहीं आये पैसे तो क्या करें

जिन श्रमिकों की धनराशि नहीं मिली है तो वह अपने यूपी सरकार के श्रम कार्ड की ई केवाईसी कर सकते है। ई-केवाईसी सीएससी केन्द्र पर जाकर करा सकते है। जिनके श्रम कार्ड और आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि में मिस्टक है। उसकी वजह से भी धनराशि नहीं आ रही है। अपने नजदीक के जनसेवा कंेद्र पर जाकर अपने आधार और श्रम कार्ड को लिंक करायें। आने वाले समय में आपकी किश्त आ जायेंगी।


बैंक खाते का स्टेटस ऐसे करें चेक
अपने मोबाइल से अपना खाता चेक कर सकते है। इसक लिये आपको पीएफएमएस https://pfms.nic.in/बेवसाइड पर जाकर अपना खाता नबंर लिखें और अपनी बैंक का नाम सर्च करने के बाद आपके खाते का स्टेटस आ जायेंगा। यहां भी कुछ रिजल्ट ना आये तो यूपी सरकार की श्रम विभाग की बेवसाइड upbocw.in पर जाकर चेक कर सकते है।


अभी तक नहीं आई कोई किश्त तो ऐसे करें चेक अपना नाम आखिर क्या है कमी

दिसंबर से अभी तक आपकी कोई किश्त नहीं आई है तो आप यूपी सरकार की बेवसाइड upbocw.in पर जाकर चेक कर सकते है। कई कमियों की वजह से किश्त नहीं आ रही है। कुछ कार्ड की आधार की ई केवाईसी करानी जरूरी है। जनसेवा केन्द्र या सीएससी पर जाकर अपना खाता और आधार कार्ड की ई-केवाईसी चेक करा सकते है।