Wed. Aug 10th, 2022
स्मार्टफोन

लखनऊ। नेटवर्क

उत्तर प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2021 में ग्रेजुएट छात्रों को टेबलेट और स्मार्टफोन देने की घोषणा की थी। पहले चरणों में छात्रों को टेबलेट और स्मार्टफोन बाटे भी गए थे। दूसरे चरण तक चुनाव की घोषणा होने की वजह से चयनित छात्रों को टेबलेट और स्मार्टफोन नहीं मिल पाया था। यूपी में प्रचंड बहुमत मिलने पर योगी सरकार जल्द छात्रों को फिर से टेबलेट और स्मार्टफोन देगी। सूत्रों के मुताबिक शपथ लेने के बाद योगी सरकार छात्रों को टेबलेट देने की घोषणा कर सकती है।

पहले चरण में 40000 स्मार्टफोन बांटे थे

यूपी सरकार ने छात्रों को स्मार्टफोन smart Fone और टैबलेट tablet बांटने का ऐलान किया था। सरकार ने पहले चरण में छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन बांटे थे। 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर सरकार ने अंतिम वर्ष के छात्रों को पहले दौर में एक लाख छात्रों को स्मार्टफोन और टैबलेट बांटे थे। पहले चरण में 25 दिसंबर को 60 हजार मोबाइल फोन और 40 हजार टैबलेट बांटे गये थे। फिलहाल योजना पर चुनाव आयोग ने रोक लगा दी है।


इन छात्रों को मिला था पहले चरण में टैबलेट व स्मार्टफोन These students got tablets and smartphones in the first phase


सरकार के शासनदेश के मुताबिक पहले चरण में अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे एमए, बीए, बीएससी, आईटीआई, एमबीबीएस, एमडी, बीटेक, एमटेक, पीएचडी एमएसएमई और कौशल विकास आदि पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को मिले थे स्मार्टफोन और टैबलेट।

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यूपी में लगी आचार संहिता

चुनावी बिगुल बजते ही पदेश करीब साढ़े 24 लाख छात्रों के लैपटॉप-टैबलेट आचार संहिता में फंस गए हैं। सभी जनपदों में गैजेटस के वितरण पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन को चुनाव आयोग के निर्देशों का इंतजार है तो लाखों छात्रों की टैबलेट-मोबाइल मिलने की उम्मीदें ढेर हो गई हैं।

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जिन छात्रों पर मैसेज भी आ गया है उन छात्रों को स्मार्टफोन और टैबलेट के वितरण पर रोक लगा दी गई है। गैजेटस की चाह में छात्रों ने लाइनें लगायी थीं। विवि और कॉलेज के चक्कर भी काटे। मोबाइल पर चयनित होने का मैसेज भी आ गया। कुछ साथियों के हाथ में टैबलेट पहुंचे तो चेहरों पर उम्मीद की चमक और बढ़ गई। लेकिन आचार संहिता लगते ही उनकी उम्मीदें धूमिल हो गई हैं।


इस वजह से नहीं होगा वितरण


सूत्र के मुतिबाक टैबलेट और मोबाइल की स्क्रीन पर पीएम मोदी और सीएम योगी के फोटो होने की वजह से फिलहाल योजना पर चुनाव आयोग ने रोक लगा दी है। चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार आचार संहिता के दौरान कोई भी राजनीतिक दल के नेता का फोटो नहीं होना चाहिए। इस लिय फिलहाल इस योजना पर रोक लगा दी गई।