Mon. Oct 3rd, 2022

देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हरेला पर्व पर ‘हम एक व्यक्ति एक वृक्ष’ का अवश्य संकल्प लेंने की अपील की है। उनका कहना है कि इस दिन पर विशेष तौर से हम अधिक प्राणवायु देने वाले वृक्ष जैसे कि पीपल, बरगद, नीम आदि को रोपित करें।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि पेड़ हैं, तो जीवन है, हम हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए हरेला पर्व पर राजकीय अवकाश घोषित करने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवकाश के दिन प्रदेश का हर एक व्यक्ति एक पौध अवश्य लगाए और उसके बड़े होने तक उसका संरक्षण भी करें। आने वाला समय पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो सकता है लेकिन अगर हमारे प्रयास अपने पर्यावरण को बचाने में निरंतर लगे रहे तो हम अपनी आने वाली पीढ़ी को शुद्ध वायु,स्वस्थ जीवन प्रदान करने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकेंगे।

 

उन्होंने कहा कि अपने आने वाली पीढ़ी के लिए, उनके स्वस्थ जीवन के लिए जरूर पौधरोपण करें। घर में कोई मांगलिक कार्य हो, किसी के जन्म के समय, विवाह के समय या किसी भी शुभ कार्य में हम अवश्य संकल्प लें की हम एक वृक्ष अवश्य लगाएंगे। उन्होंने कहा कि तमाम शोध और वैज्ञानिकों की ओर से प्रमाणित किया जा चुका है कि पेड़ होंगे तो पानी होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले हरेला पर्व यानी 16 जुलाई को हम एक व्यक्ति एक वृक्ष का अवश्य संकल्प लें।

उन्होंने सभी से अधिक प्राणवायु देने वाले पेड़ पीपल, बरगद, नीम, पिलखन, बांस आदि प्रजाति, पीपल और बरगद का पौध लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन पेड़ों का औषधीय और आध्यात्मिक महत्व तो है ही। इसके अलावा तमाम शोध यह भी बताते हैं कि ये वृक्ष ब्लैक कार्बन को सोखने तथा भरपूर मात्रा में हमें ऑक्सीजन भी प्रदान करते हैं।