Wed. Aug 10th, 2022
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देहरादून । नेटवर्क

भारत सरकार का श्रम ब्यूरो के अनुसार राज्यों में महंगाई की दर के अनुसार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की जाती है। जो अलग-अलग राज्ये अपने अनुसार भत्ता देते है। श्रमिकों का पंजीकरण संबंधित संस्था द्वारा कराया जाना जरूरी होता है। इसके बाद ही श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है।


राज्य की फैक्ट्रियों, उद्योगों व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले करीब 6 लाख पंजीकृत श्रमिकों के लिए कोरोना के बाद पहली बार अच्छी खबर है। नए वित्तीय वर्ष यानी आज (एक अप्रैल) से इनको करीब 30ः बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (डीए) मिलेगा। श्रम निदेशालय ने इस बार डीए में 260 रुपये की बढ़ोतरी कर श्रमिकों को राहत दी है। श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के महंगाई भत्ते में वर्ष में दो बार बढ़ोतरी होती है।

इसका निर्धारण भारत सरकार का श्रम ब्यूरो करता है। राज्यों में महंगाई की दर के अनुसार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की जाती है। उत्तराखंड में बीते साल सितंबर तक पंजीकृत श्रमिकों को 800 रुपये की रकम प्रतिमाह वेतन के साथ डीए के तौर पर मिलती थी, जिसे श्रम ब्यूरो के आदेशों के बाद श्रम निदेशालय ने अक्तूबर में 10ः बढ़ाकर 880 कर दिया था।

इधर, छह माह की अवधि बीतने के बाद श्रम ब्यूरो ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के आदेश श्रम निदेशालय उत्तराखंड को दे दिए हैं। गुरुवार को बाकायदा श्रम आयुक्त से इसका आदेश भी जारी हो चुका है।

इस बार पंजीकृत श्रमिकों के महंगाई भत्ते में 29.54ः की बढ़ोतरी की गई है। यानी कि 1 अप्रैल 2022 से 30 सितंबर 2022 तक श्रमिकों को 880 रुपये की जगह 1140 रुपये महंगाई भत्ता मिलेगा। श्रम विभाग के अनुसार राज्य में संचालित होने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, उद्योगों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों का पंजीकरण संबंधित संस्था द्वारा कराया जाना जरूरी होता है। इसके बाद ही श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। महंगाई भत्ता न देने पर नियोक्ता पर दस गुना जुर्माना लगाया जा सकता है। दोष सिद्ध होने की स्थिति में 6 माह से दो साल तक कारावास की सजा भी हो सकती है।

3450 प्रतिष्ठानों के श्रमिकों को लाभ

उत्तराखंड में वर्तमान में फैक्ट्रियों समेत कुल 3450 प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। इनमें दुकान, दीयासलाई उद्योग, आइसक्रीम फैक्ट्री, बेकरी, बर्फ फैक्ट्री, सीमेंट कारखाने, लॉन्ड्री, जिल्दसाजी, कोल्ड स्टोरेज, रबर उद्योग, प्लास्टिक उद्योग, मिष्ठान उद्योग, पेय पदार्थ फैक्ट्री, पेट्रोल-डीजल पंप, डेरी, प्लाईवुड उद्योग, रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग, प्राइवेट क्लीनिक, धातु उद्योग आदि शामिल हैं। इन सभी में कार्य करने वाले पंजीकृत श्रमिकों को बढ़ हुए महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा।