Wed. Aug 10th, 2022
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ललखनऊ। नेटवर्क


आने वाले छह माह में यूपी अलग-अलग विभागों में करीब 36 हजार भर्ती करने के लिये संबधिंत विभागों को सीएमcm ने आदेश दे दिया है। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र से सभी आयोगों की सौ दिनों में लक्ष्य के अनुरूप भर्ती किए जाने की रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी आयोगों के चेयरमैन के साथ समीक्षा कर रिपोर्ट दें। साथ ही प्राथमिकता के आधार पर सभी रिक्त पदों पर चयन की कार्यवाही शुरू की जाए और चयन की प्रक्रिया को सौ दिनों के लक्ष्य के तहत पूरा करें।

छह महीने में होनी है भर्ती

यूपीup में छह महीने में विभिन्न आयोगों द्वारा करीब 36 हजार पदों पर भर्तियां की जानी हैं। सीएम ने इसे समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने बुधवार को लोकभवन में उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने पिछले दिनों उच्चतर सेवा शिक्षा चयन आयोग, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, पुलिस भर्ती बोर्ड सहित अन्य चयन आयोगों की समीक्षा बैठक की थी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि चयन वर्ष की सीधी भर्ती के लिए सभी विभागों द्वारा अधियाचन 31 मई से पूर्व भेजा जाए, ताकि 36 हजार से अधिक पदों पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर सकें। उन्होंने विभागों में सीधी भर्ती के सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य रूप से इंडक्शन ट्रेनिंग की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। हर प्रशासनिक विभाग द्वारा इंडक्शन ट्रेनिंग माड्यूल और वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करने को कहा है, साथ ही निर्देश दिए कि समूह ‘क’ और ‘ख’ के अधिकारियों के लिए इनसर्विस प्रशिक्षण व्यवस्था को प्रभावशाली ढंग से लागू करें।

वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करें
उत्तर प्रदेश up प्रशासन और प्रबन्धन अकादमी वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करें। कर्मचारियों के पटल को बदलने की कारगर व्यवस्था बनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने गत वर्षों में पारदर्शिता से बिना भेदभाव के दक्ष युवाओं को सेवायोजित किया है।

सरकारी नौकरियों sarkari naukri में भ्रष्टाचार का कोई भी स्थान नहीं है। इसका कठोरता से पालन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सौ दिनों में पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन के लिए भारत सरकार की रोटेशन नीति के अनुसार प्रदेश में कार्मिकों के पटल परिवर्तन की प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। ज्येष्ठता आधारित विभागीय प्रोन्नतियों में एकरूपता के लिए उपयुक्तता का मानक निर्धारित किया जाए।