Mon. Oct 3rd, 2022

देहरादून । नेटवर्क

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी ऑफनेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एण्ड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट (एनआईसीडीआईटी) की बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में इन्टीग्रेटेड मैनुफैक्चरिंग क्लस्टर (आई.एम.सी) की स्थापना के लिए उधमसिंह नगर जनपद के खुरपिया तहसील में सरकार की ओर से 1002 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है। अमृतसर-कलकत्ता इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर पंजाब, हरियाणा,उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड एवं पश्चिम बंगाल को जोड़ता है। उत्तराखंड इस कॉरिडोर के प्रभाव क्षेत्र में आता है। इस क्षेत्र में हमारा पहले से ही इंडस्ट्रियल एरिया है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संकल्पना के आधार पर इस विशाल कॉरिडोर का विकास हो रहा है। उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि 2003 में उन्होंने उत्तराखंड के लिए विशेष औद्योगिक पैकेज दिया। यह विशेष पैकेज उत्तराखंड को 10 सालों तक मिला। उधमसिंह नगर में जहां आई.एम.सी की स्थापना होनी है,उसके आस-पास बड़ा क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र है। इस इंडस्ट्रियल एरिया को आई.एम.सी की स्थापना के बाद काफी लाभ मिलेगा।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर योजना के लिए तकनीकी सहायता नेशनल इंडिस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट एण्ड इम्प्लीमेंटेशन ट्रस्ट (एन.आई.सी.डी.आई.टी) द्वारा प्रदान की जा रही है। योजना के लिए डीपीआर एवं मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है। नेशनल हाईवे 125 इसके निकट से गुजरता है। इस क्षेत्र में रोड की कनेक्टिविटी अच्छी है। यह क्षेत्र ऑटो मोबाइल का बड़ा हब है,अन्य बहुत सी इंडस्ट्रियां यहां पर कार्य कर रही हैं।

सितारगंज से 60 किमी रेल लाइन विस्तार की मांग-

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर केन्द्रीय रेल मंत्री से अनुरोध किया कि उधमसिंह नगर जनपद में जहां आई.एम.सी की स्थापना होनी है,उसी रास्ते में एक इंडस्ट्रियल एरिया सितारगंज में है। यदि सितारगंज से लालकुंआ, खटीमा को जोड़ने वाली लगभग 60 कि.मी. रेल लाइन का विस्तार हो जाए तो यह सामरिक, भौगोलिक एवं औद्योगिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होगी।

इस मौके पर सचिव उद्योग डॉ.पंकज कुमार पांडेय,आयुक्त एवं महानिदेशक उद्योग रणवीर सिंह चौहान उपस्थित थे।