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बर्ड फ्लू के दृष्टिगत पोल्ट्री एवं पोल्ट्री प्रोडेक्ट की आवक प्रतिबंधित: DM

कासगंज (डीवीएनए)। जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में कल देर शाम एवियन एन्फलूएन्जा (बर्ड फ्लू) की संभावना को देखते हुए जिला स्तरीय टास्क फोर्स की एक आवश्यक बैठक आहूत की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने समय से जरूरी कदम उठाए जाने के निर्देश दिए है।

उन्होंने पशुपालन विभाग के कर्मियों को पुलिस विभाग से समन्वय स्थापित कर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने हेतु तैयार रहें। जनपद में पोल्ट्री एवं पोल्ट्री प्रोडेक्ट के वाहनों की आवक अग्रिम आदेशों तक प्रतिबंधित कर दी गई है। चेक पोस्टों पर इसका विशेष ध्यान रखा जाये।

उन्होने कहा कि इससे संबंधित सभी विभाग अपने-अपने दायित्वों का भली प्रकार से निवर्हन करें। उन्होने कहा कि इस कार्य मे कहीं पर भी कोई लापरवाही न हो। इस कार्य हेतु स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, वन विभाग, नगर पालिका/पंचायत अधिकारी, राजस्व विभाग तथा पुलिस विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करेंगे। उन्होने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यमों से जनजारूकता किया जाये। जिससे किसी भी प्रकार की अफवाह न फैले। हर पक्षी की मौत का कारण बर्ड फ्लू नहीं होता।

जिलाधिकारी ने पशु पालन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में स्थापित पोल्ट्री फार्म की सूची अद्यतन करते हुए पक्षियों की संख्या का विवरण की सूचना तैयार की जाये जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही की जा सके। उन्होने कहा कि पोल्ट्री एवं प्रवासी पक्षियों का गहनता एवं गम्भीरतापूर्वक सर्विलान्स किया जाये। उन्होने कहा विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पोल्ट्री पालकों से लगातार सम्पर्क स्थापित किया जाये, जिससे पक्षियों की किसी भी असामयिक बीमारी एवं मृत्यु की दशा में तत्काल सूचना मिल सके। जनपद में जहॅा अधिकांश कुक्कुट इकाईयां है वहां पर विशेष सतर्कता बरती जाये।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 ए0 के0 सागर ने जनपद के पोल्ट्री पालकों से अपील की है कि जनपद में बर्ड फ्लू का कोई मामला अभी प्रकाश में नहीं आया है। लेकिन सुरक्षा बतौर पक्षियों को स्लाटरिंग साफ-सुथरे तरीकें से करें। बाहरी पक्षियों को बाड़े में न जाने दें। मुर्गियों को बाड़े में ही रखें। केवल मुर्गियों की देखभाल करने वाला ही मुर्गी के बाडे़ में जाये। प्रत्येक 15 दिन पर बाड़े की सफाई करें। पिंजरा साफ रखें। बर्तनों की सफाई रखें। शेड में कीटनाशक दवा डालें। नये चूजों को 30 दिन तक पृथक रखें। दूसरे फार्म का उपकरण इस्तेमाल करने से पहले कीटनाशक दवा से उपचार जरूर कर लें। उन्होने कहा कि 70 डिग्री सेंटीगे्रट पर 30 मिनट उबालने पर बर्ड फ्ूल का वायरस मर जाता है। इसलिए मीट अण्डों का अच्छे से उबालकर खाने से किसी प्रकार के संक्रमण का खतरा नही है।

उन्होने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पक्षियों की भारी संख्या में यदि मृत्यु परिलक्षित होती है तो तुरंत टोल फ्री नम्बर 1800-180-5141 या नोडल अधिकारी बर्ड फ्लू 9457333999 पर सूचना दे सकते हैं।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल कुमार, प्रभागीय निदेशक वानिकी दिवाकर वशिष्ठ, समस्त उपजिलाधिकारी, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
संवाद , नूरुल इस्लाम

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