Mon. Feb 6th, 2023
captain

नई दिल्ली। एक बार फिर सोशल मीडिया पर नये कप्तान बनाने को बहस तेज हो गई है। कही तरह के कयास लगाये जा रहा है। कई पूर्व खिलाड़ी भी नया कप्तान देखना चाहते है। भारत हाल में समाप्त हुए टी20 विश्वकप के सेमीफाइनल से बाहर हो गया था जहां उसे चौंपियन बने इंग्लैंड ने 10 विकेट से करारी शिकस्त दी थी। भारत की यह छह विश्वकप में नॉकआउट में पांचवीं हार है।

ये बोले पूर्व खिलाड़ी

श्रीकांत ने स्टार स्पोर्ट्स के एक कार्यक्रम में कहा,यदि मैं चयन समिति का अध्यक्ष होता तो फिर कहता कि हार्दिक पंड्या को विश्व कप 2024 के लिए कप्तान होना चाहिए। मैं सीधे तौर पर यह फैसला करता। और टीम के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया आज से ही शुरु होनी चाहिए। यह काम न्यूजीलैंड श्रृंखला से शुरू होना चाहिए जो कि एक सप्ताह के अंदर शुरू होगी।

श्रीकांत ने कहा, आपको आज से ही शुरुआत करनी होगी। विश्वकप की तैयारियों के लिए आपको चीजों को समझना होता है और इसकी तैयारी दो साल पहले शुरू करनी होती है। इसलिए आप जो कुछ भी करना चाह रहे हैं, चाहे वह किसी तरह का प्रयोग हो या कुछ और, उसे एक साल के अंदर कर दें और फिर 2023 तक टीम तैयार कर दें और यह सुनिश्चित करें कि यह टीम विश्व कप में खेलेगी।

भारत शुक्रवार से न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरू होने वाली श्रृंखला में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय और इतने ही वनडे मैच खेलेगा। रोहित शर्मा की अनुपस्थिति में हार्दिक पंड्या सबसे छोटे प्रारूप में टीम की अगुवाई करेंगे।

पूर्व भारतीय कप्तान श्रीकांत ने कहा कि भारत को 2024 में होने वाले विश्वकप से पहले अधिक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की खोज करनी होगी। उन्होंने कहा, आपको अधिक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की जरूरत है। आप 1983 के विश्वकप, 2011 के विश्वकप और 2007 के टी20 विश्व कप पर गौर करिए। हमने इनमें क्यों जीत दर्ज की, क्योंकि हमारे पास अधिक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर थे और कुछ ऐसे खिलाड़ी थे जो बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी भी कर सकते थे।

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज इरफान पठान ने कहा कि भारत को केवल एक कप्तान पर निर्भर नहीं रहना चाहिए और टीम में कई खिलाड़ियों को नेतृत्व करने लायक बनाना चाहिए।

इरफान ने कहा, मैं यह नहीं कह रहा हूं कि अगर आप कप्तान बदलते हैं तो आप परिणाम बदल सकते हैं। इस तरह से आप परिणाम नहीं बदल सकते। हार्दिक पंड्या के मामले में आपको यह समझना चाहिए कि वह तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर है और उसके साथ चोटों का भी मसला है। उन्होंने कहा, मेरे कहने का मतलब है कि अगर आपका कप्तान विश्वकप से पहले चोटिल हो जाता है और आपके पास नेतृत्व करने वाला कोई दूसरा खिलाड़ी नहीं है तो फिर परेशानी होगी।